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इंक्रीमेंटल कैपिटल आउटपुट रेश्यो(Icor)

ICOR का मतलब है इंक्रीमेंटल कैपिटल आउटपुट रेश्यो यह एक आर्थिक पैमाना (economic metric) है जो बताता है..

इंक्रीमेंटल कैपिटल आउटपुट रेश्यो(Icor)

Avinash
March 21, 2025

ICOR (Incremental Capital Output Ratio) क्या है?🔗

ICOR Factors and Limitations1
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ICOR का मतलब है "इंक्रीमेंटल कैपिटल आउटपुट रेश्यो"। यह एक आर्थिक पैमाना (economic metric) है जो बताता है कि किसी देश या अर्थव्यवस्था में उत्पादन (output) की एक अतिरिक्त इकाई (additional unit) का उत्पादन करने के लिए कितनी अतिरिक्त पूंजी (additional capital) या निवेश (investment) की आवश्यकता होती है।

सरल शब्दों में, ICOR यह दर्शाता है कि एक अतिरिक्त इकाई (जैसे ₹1 या $1) का उत्पादन बढ़ाने के लिए कितना अतिरिक्त निवेश (जैसे मशीनरी, बुनियादी ढांचा, तकनीक आदि में) करना होगा।

ICOR की गणना (Calculation):

ICOR की गणना करने का सूत्र (formula) है:

ICOR = वार्षिक निवेश (Annual Investment) / GDP में वार्षिक वृद्धि (Annual Increase in GDP)

या

ICOR = ΔK / ΔY

जहाँ:

  • ΔK = पूंजी निवेश में परिवर्तन (Change in capital investment)
  • ΔY = आर्थिक उत्पादन या सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में परिवर्तन (Change in economic output or GDP)

file1 icor definition
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ICOR Definition Formula and Example
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ICOR का महत्व क्या है? यह अर्थव्यवस्था के लिए क्यों जरूरी है?🔗

ICOR एक महत्वपूर्ण संकेतक (indicator) है क्योंकि यह किसी देश की उत्पादन क्षमता (production efficiency) और पूंजी के उपयोग (capital utilization) की कुशलता को दर्शाता है।

  • कम ICOR (Lower ICOR): एक कम ICOR यह इंगित करता है कि देश कम पूंजी निवेश के साथ अधिक उत्पादन कर रहा है। इसका मतलब है कि पूंजी का कुशलतापूर्वक उपयोग हो रहा है, और अर्थव्यवस्था अधिक उत्पादक (productive) है।
  • उच्च ICOR (Higher ICOR): एक उच्च ICOR यह इंगित करता है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी निवेश की आवश्यकता है। यह पूंजी के अकुशल उपयोग (inefficient utilization) या अन्य कारकों (जैसे पुरानी तकनीक, खराब बुनियादी ढांचा) का संकेत हो सकता है।

भारत के संदर्भ में ICOR का उदाहरण दीजिए।🔗

  • मान लीजिए कि किसी वर्ष में भारत का कुल निवेश (investment) GDP का 30% है, और उस वर्ष GDP में 6% की वृद्धि हुई है। तो, ICOR होगा: 30% / 6% = 5. इसका मतलब है कि GDP में ₹1 की वृद्धि के लिए ₹5 के निवेश की आवश्यकता है।
  • अगर अगले साल, निवेश GDP का 32% है और GDP में 8% की वृद्धि होती है तो ICOR = 32 / 8 = 4, यदि ICOR 5 से घटकर 4 हो जाता है, तो इसका मतलब है कि भारत की अर्थव्यवस्था अधिक कुशल (efficient) हो गई है, क्योंकि अब कम निवेश के साथ अधिक उत्पादन हो रहा है।

भारतीय संदर्भ (Indian Context):

  • 2023-09-13 तक, भारत का ICOR FY22 में 3.5 था, जो FY12 में 7.5 था। यह दर्शाता है कि भारत में पूंजी उपयोग की दक्षता में सुधार हुआ है।
  • कम ICOR के कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
    • तकनीकी प्रगति (Technological advancements): नई तकनीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है, जिससे कम निवेश में अधिक उत्पादन होता है। उदाहरण: 3D प्रिंटिंग, AI और मशीन लर्निंग का उपयोग।
    • बेहतर बुनियादी ढांचा (Improved infrastructure): बेहतर सड़कों, बंदरगाहों और बिजली आपूर्ति से व्यवसायों की लागत कम होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।
    • आर्थिक सुधार (Economic reforms): व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) में सुधार, नौकरशाही बाधाओं (bureaucratic hurdles) को कम करना और निवेश के अनुकूल माहौल बनाना।
    • आर्थिक और तकनीकी नवाचार (Economic and Technical Innovation) : उदहारण के लिए, टाटा मोटर्स ने नैनो कार विकसित की.

ICOR उपयोग और अनुप्रयोग
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भारत के संदर्भ में ICOR का क्या हाल है?🔗

भारत में ICOR में पिछले कुछ वर्षों में सुधार हुआ है, जिसका अर्थ है कि पूंजी की दक्षता (efficiency of capital) बढ़ी है।

  • 2011-12 (FY12) में ICOR लगभग 7.5 था।
  • 2021-22 (FY22) में यह घटकर लगभग 3.5 हो गया।
  • 2022-23 (FY23) में ICOR 4.4 था.
  • 2024-25 (FY25) के पहले अग्रिम अनुमानों (First Advance Estimates - FAE) के अनुसार ICOR लगभग 5 से थोड़ा ऊपर है।

इसका मतलब है कि पहले (FY12 में) 1 रुपये का अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त करने के लिए 7.5 रुपये के निवेश की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब (FY22 में) केवल 3.5 रुपये के निवेश की आवश्यकता है।


क्या ICOR की कोई सीमाएँ (limitations) हैं?🔗

हाँ, ICOR की कुछ सीमाएँ हैं:

  • अमूर्त সম্পদ (Intangible Assets): ICOR नई अर्थव्यवस्था (new economy) में अमूर्त संपत्तियों (intangible assets), जैसे ब्रांडिंग (branding), अनुसंधान और विकास (research and development - R&D), और सॉफ्टवेयर (software) को ठीक से नहीं माप पाता।
  • विलंबित प्रभाव (Lagged Effects): निवेश और उत्पादन के बीच एक समय अंतराल (time lag) हो सकता है। यानी, निवेश का पूरा प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देता।
  • अन्य कारक (Other Factors): ICOR केवल पूंजी और उत्पादन के बीच संबंध को मापता है। यह आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों, जैसे मानव पूंजी (human capital), प्राकृतिक संसाधन (natural resources), और संस्थागत गुणवत्ता (institutional quality) को ध्यान में नहीं रखता।
  • मुद्रास्फीति (Inflation): ICOR मुद्रास्फीति (inflation) से प्रभावित हो सकता है।

ICOR Factors and Limitations
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